Last Updated on Oct 27, 2021 by Aradhana Gotur

मुहूर्त ट्रेडिंग एक घंटे का विशेष ट्रेडिंग सत्र है जो दिवाली पर शुभ मुहूर्त के दौरान आयोजित किया जाता है। इस वर्ष यह विशेष सत्र 4 नवंबर को शाम 6:15 बजे से शाम 7:15 बजे के बीच आयोजित किया जाएगा।

मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग के साथ-साथ लॉन्ग टर्म निवेश के फंडामेंटल वैसे तो साल के बाकी दिनों के समान ही रहते हैं, पर यह एक घंटे का सत्र ऐतिहासिक महत्व रखता है। यह पहली बार 1957 में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में एक नए हिंदू कैलेंडर वर्ष की शुरुआत के उपलक्ष्य में शुरू हुआ था और तब से हर साल आयोजित किया जाता है। नए साल का स्वागत करने के लिए, निवेशक आमतौर पर टोकन के रूप में केवल थोड़ी मात्रा में स्टॉक खरीदते हैं।

पर थोड़ी मात्रा में ही क्यों? एक कारण, इस घंटे के दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम कम होते हैं। इसका कारण यह है कि, एक घंटे की सीमित अवधि में, निवेशकों को उन पोजीशंस को क्लोज करने का समय नहीं मिल पाता है जिन्हें वे सत्र की शुरुआत में ले सकते हैं। इसे देखते हुए वे यह करने से बचते हैं। चूंकि दिवाली पर छुट्टी होती है, इसलिए बाजार में लोग भी रोज़ की तरह सक्रिय नहीं होते हैं।

दूसरा, चूंकि यह एक शुभ समय माना जाता है, इसलिए व्यापारी और निवेशक दोनों ही स्टॉक बेचने से बचते हैं, जब तक कि बाजार के फंडामेंटल ऐसा नहीं सुझाते। सक्रिय सेलर्स की कमी का मतलब बाजार में लिक्विडिटी कम होती है, जो बाजार की भागीदारी को बाधित करता है।

तो सवाल यह है कि हमें इस ट्रेडिंग सत्र में क्या करना चाहिए और कौन सी चेकलिस्ट हमारे फैसलों का मार्गदर्शन करेगी?

लंबी अवधि के निवेशकों के लिए ध्यान में रखने वाली सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अपने निवेश के फंडामेंटल पर टिके रहें। मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान, भावनात्मक उत्साह न दिखाएँ और रैंडम टिप्स के आधार पर स्टॉक न खरीदें। महत्वपूर्ण बात यह है कि लंबी अवधि में स्टॉक की कीमत कमाई में वृद्धि के साथ बढ़ती ही हैं। उदाहरण के लिए, यदि किसी कंपनी की आय में वृद्धि कम है, तो इस कंपनी में निवेश न करना बेहतर है।

इसी तरह, कंपनी के फंडामेंटल को जानने और ट्रैक करने के लिए अन्य मैट्रिक्स हैं; रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड, डेब्ट टू इक्विटी रेश्यो, प्राइस टू अर्निंग रेश्यो, और बहुत कुछ होता है।

बात यह है कि, दिवाली के शुभ समय का उपयोग स्टॉक या म्यूचुअल फंड में, उनके फंडामेंटल्स का आकलन करने के बाद, अपने दीर्घकालिक निवेश करने के लिए करना बुद्धिमानी होगी।

और, याद रखें कि एक घंटे की ट्रेडिंग अवधि इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए अनुकूल नहीं होती है, विशेष रूप से कम वॉल्यूम और लिक्विडिटी को देखते हुए। स्विंग ट्रेडिंग के लिए (जिसका अर्थ है एक दिन से अधिक समय तक पोजीशन रखना), केवल तभी ट्रेड करें जब सेटअप सही हो और बाजार आकर्षक अवसर प्रदान कर रहा हो। यदि ऐसा नहीं होता है, तो आप इस घंटे का उपयोग टिकरटेप के स्क्रीनर का उपयोग करके फंडामेंटल रूप से मजबूत शेयरों की जांच करने के लिए कर सकते हैं, और उन पर शोध कर अच्छे स्टॉक्स का पता लगा सकते हैं।

याद रखें, ट्रेड लेना केवल 1% कार्य होता है। अन्य 99% में स्टॉक की जांच करना, उन पर पूरी तरह से शोध करना, या अपनी रणनीतियों को बैक-टेस्ट करना होता है। इस शुभ समय के दौरान आप जो भी शोध या बैक-टेस्ट करेंगे, वह भी उतना ही फायदेमंद हो सकता है।

Harsh Vora
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