भारतीयों द्वारा अनुसरण किए जाने वाले कैलेंडरों में से एक – विक्रम संवत के अनुसार, दिवाली एक नए वित्तीय वर्ष (फाइनेंशियल ईयर) की शुरुआत का प्रतीक है। यही कारण है कि भारत में इसे शुभ माना जाता है। दिवाली न केवल गिफ्ट देने और मिठाइयां बाँटने का समय है, बल्कि ‘स्टॉक्स’ में इन्वेस्ट करने का समय भी है। हां! आपने सही सुना। सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं में इन्वेस्ट करने के अलावा, कई इन्वेस्टर्स के लिए स्टॉक्स खरीदना भी रिवाज बन गया है।

लेकिन दिवाली सार्वजनिक (पब्लिक हॉलिडे) छुट्टी है और स्टॉक एक्सचेंज (शेयर बाज़ार) छुट्टियों पर बंद होते हैं, तो फिर उस दिन आप स्टॉक कैसे खरीद सकते हैं? जवाब है ‘मुहूर्त ट्रेडिंग’ सेशन। आइए इसके बारे में जानने के लिए सभी जरूरी चीजों पर चर्चा करें – इसका अर्थ, हिस्ट्री और इस सेशन के दौरान स्टॉक खरीदने के क्या क्या फायदे हैं। पढ़ते रहिये! आप जानते हैं कि आप जिज्ञासु (क्यूरियस) हैं!

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मुहूर्त ट्रेडिंग क्या है?

भारतीय, रीति-रिवाजों को महत्व देते हैं और वे चीजों को सही मुहूर्त में करना ही पसन्द करते हैं। मुहूर्त वह शुभ समय होता है जिसमें कोई भी व्यक्ति या उद्यम (इंटरप्राइजेज) अपने किसी काम को करने या शुरू करने के लिये अच्छा मानते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दौरान (शुभ मुहूर्त में) जब कोई काम किया जाता है, तो वह बिना किसी बाधा के पूरा होता है। ऐसा ही एक शुभ मुहूर्त दिवाली पर आता है।

इस छुट्टी पर, भारतीय स्टॉक एक्सचेंज एक घंटे के ट्रेडिंग सेशन के लिए खुलता है, जिसे मुहूर्त ट्रेडिंग कहते हैं। हर साल, स्टॉक एक्सचेंज इस ट्रेडिंग सेशन के लिये दिन और समय को परिभाषित करता है। ऐसा माना जाता है कि इस एक घंटे के दौरान स्टॉक खरीदना और बेचना धन की देवी, देवी लक्ष्मी जी का आशीर्वाद लेकर आता है।

इसलिए कई लोग इस दिन इक्विटी खरीदते हैं। कुछ लोग उन्हें लंबे समय के लिए भी रखते हैं और उन्हें अपनी पीढ़ियों को गिफ्ट के रूप में देते हैं।

इसके पीछे का इतिहास क्या है?

भारतीय एक्सचेंज पर मुहूर्त ट्रेडिंग का चलन आधी सदी से भी अधिक समय से किया जा रहा है। यह पहली बार बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) द्वारा 1957 में आयोजित किया गया था। इसके बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने इस विरासत को जारी रखते हुए 1992 में मुहूर्त ट्रेडिंग की शुरुआत की।

इन्वेस्टर समुदाय के लिए, यह सेशन नए साल का प्रतीक है। इस दिन स्टॉकब्रोकर पुराने लेज़र को बंद कर देते हैं और नए लेज़र पर काम करना शुरू कर देते हैं। इस पारंपरिक (ट्रेडिशनल) ट्रेडिंग सेशन से पहले, स्टॉक ब्रोकर स्टॉक एक्सचेंज में ‘चोपरा पूजा’ यानी बही-खाते (अकाउंट बुक) की पूजा करते हैं।

मनोरंजक तथ्य

इस ट्रेड सेशन के साथ कई मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। इन मे से एक हैं कि सबसे पहले मारवाड़ी इन्वेस्टर्स इस मुहूर्त के दौरान स्टॉक बेचते थे क्योंकि उनका मानना ​​था कि इस दिन पैसा घर में प्रवेश नहीं करना चाहिए। दूसरी ओर, गुजराती इन्वेस्टर्स ने इस सेशन के दौरान शेयरों (स्टॉक्स) में खरीदारी की। लेकिन इसका समर्थन करने के लिए कोई डेटा उपलब्ध नहीं है और यह आज के समय में सच नहीं है।

इस सेशन के दौरान कौन-कौन इन्वेस्ट कर सकता है?

इस सेशन के दौरान कोई भी इन्वेस्टर या ट्रेडर इन्वेस्ट कर सकता है। लेकिन सिर्फ इसलिए कि यह शुभ मुहूर्त है, आपको आँख बंद करके इन्वेस्ट नहीं करना चाहिए। सावधानीपूर्वक विश्लेषण करने के बाद रिसर्च करें और उनकी पहचान सुनिश्चित करने के बाद ही अच्छे स्टॉक्स में इन्वेस्ट करें अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है।

मुहूर्त ट्रेडिंग का प्रोसेस

इस ट्रेडिंग सेशन को निम्नलिखित 5 घटकों में बांटा गया है:

ब्लॉक डील सेशन: इस दौरान, दो पार्टी पहले से तय किये मूल्य पर स्टॉक्स खरीदने या बेचने का निर्णय लेते हैं और इसकी सूचना स्टॉक एक्सचेंज को देते हैं।

प्री-ओपन सेशन: इस दौरान, एक्सचेंज मार्केट खुलने से पहले (आमतौर पर लगभग 8 मिनट पहले) संतुलन मूल्य निर्धारित करते हैं।

सामान्य मार्केट अवधि: यह एक घंटे का सेशन होता है जिसमें ज्यादातर ट्रेडिंग होती है।

कॉल ऑक्शन सेशन: इस दौरान, इलिक्विड (अनकदी) शेयर की ट्रेडिंग होती है। यदि प्रतिभूति एक्सचेंज द्वारा निर्धारित मानदंडों (क्राइटेरिया) को पूरा करती है, तो इसे इलिक्विड के रूप में वर्गीकृत (क्लासिफाइड) किया जाता है।

क्लोजिंग (समापन) सेशन: यहां, ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स क्लोजिंग प्राइस पर मार्केट ऑर्डर देते हैं।

मुहूर्त ट्रेडिंग 2021 का समय क्या है?

इस साल भी BSE और NSE दोनों ने, दिवाली, यानी 4 नवंबर 2021 को मुहूर्त ट्रेडिंग की अनुमति अनुमति दे दी है।

सेशन के फायदे क्या हैं?

  • यह शेयर खरीदने/बेचने का अच्छा समय है क्योंकि इस सेशन के दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम ज्यादा होता है। उच्च ट्रेडिंग वॉल्यूम से संकेत मिलता है कि शेयर मार्केट के आसपास बहुत अधिक रुचि या गतिविधि है।
  • यह एक शुभ समय माना जाता है, इसलिए यदि आप पहली बार इन्वेस्ट कर रहे हैं तो आप इस दिन इन्वेस्ट करना शुरू कर सकते हैं।
  • यह अनुभवी इंट्राडे ट्रेडर्स के लिए एक बहुत अच्छा मौका है क्योंकि इस सेशन के दौरान मार्केट में आमतौर पर तेजी रहती है। लेकिन कई बार ऐसा भी हुआ जब मार्केट में अगले ही दिन गिरावट देखने को मिली है। इसलिए सावधान रहना बहुत जरूरी है और गहन रिसर्च के बाद ही इन्वेस्ट या ट्रेडिंग करना जरूरी है।

यदि आप ऐसे व्यक्ति हैं जो अभी भी इन्वेस्ट शुरू करने के लिए सही मुहूर्त की तलाश में हैं तो मुहूर्त ट्रेडिंग 2021 आपके लिए सौभाग्य की बात है। ऐसे शेयरों की तलाश करें जो मजबूत फंडामेंटल द्वारा समर्थित हों, जिनमें ग्रोथ क्षमता हो और जिनमें अच्छा नकदी प्रवाह (कैश फ्लो) हो। यदि आप सुनिश्चित नहीं हैं कि किन शेयरों में इन्वेस्ट करना है, तो आप टिकरटेप के स्क्रीनर का उपयोग करके अपनी रिसर्च शुरू कर सकते हैं। इसमें 200 से अधिक फिल्टर हैं जो आपको प्रासंगिक प्रमुख मेट्रिक्स के आधार पर ढेर सारे स्टॉक के माध्यम से तेजी से फ़िल्टर करने की सुविधा देते हैं।

स्क्रीनर के अलावा, टिकरटेप में अन्य इन्वेस्टमेंट विश्लेषण उपकरण भी हैं जैसे स्टॉक के लिए व्यापक एसेट पेज, म्यूचुअल फंड, ETFs, इंडेक्स, मार्केट मूड इंडेक्स और बहुत कुछ।

साल में एक बार शुभ मुहूर्त पर शेयरों में इन्वेस्ट करने का यह मौका न जाने दें। आपको दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं और यह मुहूर्त ट्रेडिंग सेशन आपके लिए शुभकामनाएं लेकर आए!

Ayushi Mishra

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